सोमवती अमावस्या आज, जानिए क्यों है खास

इंदौर|सोमवार के दिन पड़ने के कारण इसे सोमवती अमावस्या कहते हैं। इसके अलावा सावन के महीने में पड़ने के कारण इसे हरियाली अमावस्या भी कहते हैं। हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व होता है। इस तिथि पर पवित्र नदियों में स्नान, दान और पूजा-पाठ का विधान है। सावन के महीने में सोमवार के दिन अमावस्या तिथि पड़ने के कारण इसका महत्व काफी बढ़ जाता है। इस दिन घर पर स्नान करना चाहिए और भगवान का स्मरण कर पितरों को तर्पण देना चाहिए।

सोमवती अमावस्या का महत्व

 पंचांग में अमावस्या की तिथि का विशेष महत्व है। इस दिन गंगा स्नान और दान करने विशेष पुण्य लाभ मिलता है। चंद्रमा की 16वीं कला को अमावस्या कहा जाता है। इस तिथि पर चंद्रमा की यह कला जल में प्रविष्ट हो जाती है। अमावस्या माह की तीसवीं तिथि है, जिसे कृष्णपक्ष के समाप्ति के लिए जाना जाता है। इस तिथि पर चंद्रमा और सूर्य का अंतर शून्य होता है। सोमवार को पड़ने वाली अमावस्या को सोमवती अमावस्या कहा जाता है। 

शनिवार को पीपल के पेड़ की पूजा करने ...

अमावस्या पर पीपल के पेड़ की पूजा का महत्व

हिंदू धर्म में मान्यता है कि पीपल के पेड़ में देवी-देवताओं का वास होता है। ऐसे में अमावस्या तिथि पर पीपल के पेड़ में जल चढ़ाने और पूजा करने का विशेष महत्व होता है। सावन के महीने में सोमवती अमावस्या होने के कारण शिव पूजा का महत्व और भी बढ़ जाता है। पूजन सामग्री के साथ इस दिन पीपल की पूजा करने से विशेष लाभ होता है। अमावस्या तिथि पर पूजा करने से मां लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है क्योंकि सभी तिथि में अमावस्या तिथि देवी लक्ष्मी का बहुत ही प्रिय होती है।

Pitru Paksha Will Start From 16th Of September - शुरू हो ...

पितरों की तिथि अमावस्या

शास्त्रों के अनुसार अमावस्या की तिथि को पितर देवताओं की तिथि मानी जाती है। इस तिथि पर सुबह-सुबह गंगा स्नान कर पितरों को तर्पण दिया जाता है। इससे पितरों की आत्मा प्रसन्न होती है और परिवार में सुख समृद्धि बढ़ती है। अमावस्या पर गरीबों को दान दिया जाता है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार सूर्य और चंद्र जब एक ही राशि में आ जाते हैं तो अमावस्या होती है और जब ये दोनों 180 अंश पर आमने-सामने होते हैं तब पूर्णिमा होती है। भगवान शिव ने कृष्णपक्ष से लेकर अमावस्या तक का अधिभार पितरों को एवं शुक्लपक्ष की प्रतिपदा से लेकर पूर्णिमा तक का अधिभार देवों को दिया हैं, इसीलिए पितृ से सम्बंधित सभी श्राद्ध-तर्पण आदि कार्य अमावस्या तक और सकाम अनुष्ठान अथवा बड़े यज्ञ आदि कार्य शुक्लपक्ष की पूर्णिमा तक के मध्य किये जाते हैं। इन सभी युतियों में श्रावण में सूर्य एवं चन्द्र का मिलन श्रेष्ट माना गया है। इस दिन यदि सोमवार भी तो प्राणी मात्र के लिए ये किसी वरदान से कम नही है।

सोमवती अमावस्या पूजा विधि

इस महापुण्यदायक दिन में हमारी वाणी के द्वारा किसी के लिए अशुभ शब्द ना निकले इसका सदैव ध्यान रखना चाहिए। उसका कारण यह है कि इस दिन मन, कर्म, तथा वाणी के द्वारा भी किसी के लिए अशुभ नहीं सोचना चाहिए। सोमवती अमावस्या के दिन केवल बंद होठों से उपांशु क्रिया के द्वारा ॐ नमः शिवाय मंत्र पढ़ते हुए शिवलिंग पर जल आदि का अर्पण करना चाहिए। प्रत्येक प्राणी को अपना प्रारब्ध सुधारने एवं भाग्य प्रखर करने के लिए अपनी शक्ति-सामर्थ्य के अनुसार इस दिन दान, पुण्य तथा जप करने चाहिए। यदि आप किसी भी तीर्थ नदी और समुद्र आदि में जाने में किसी भी कारण से असमर्थ हैं तो अपने घर में ही प्रात:काल दैनिक कर्मों से निवृत होकर स्नान करें ध्यान रहे स्नान और जप करते समय सत्यव्रत का पालन करें। झूँठ बोलने, छल अथवा कपट आदि करने से बचें। किसी जरुरतमंद विद्यार्थी को दान में पुस्तकें, भूखों को अन्न-भोजन आदि, गौ को हरा चारा, कन्यादान हेतु आर्थिक मदद, सर्दी से परेशान होने वाले गरीबों को वस्त्र, तथा अन्य उपयोगी वस्तुएं अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान करें। ऐसा करने से प्राणी को सभी प्रकार के भोगों एवं ऐश्वर्यों की प्राप्ति तो होती ही है साथ ही सतयुगमें में तप से, द्वापर में श्रीहरि की भक्ति से, त्रेता में ब्रह्मज्ञान और कलियुग में दान से मिले हुए पुण्य के बराबर श्रावण सोमवती अमावस्या में केवल किसी भी शिवलिंग के दर्शन-अभिषेक आदि से भी उतना ही पुण्य मिलजाता है। इस दिन शिव परिवार की आराधना के पश्चात अपने सामर्थ के अनुसार अन्न वस्त्र धन गौ भूमि स्वर्ण जो भी आपकी इच्छा हो दान देना चाहिए। आज के दिन पंचामृत के द्वारा शिवलिंग पर किये गए लेप से भक्तों के सभी मनोरथ पूर्ण होते हैं और उनकी जन्म कुंडली में सूर्य और चन्द्र जनित ग्रह दोषों के कुप्रभाओं से छुटकारा मिलता है।

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  बदले )

Connecting to %s