मध्यप्रदेश में कॉलेज के विद्यार्थियों को निःशुल्क शिक्षा की सौगात

इंदौर। मध्यप्रदेश सरकार ने प्रदेश में कॉलेज के विद्यार्थियों को निःशुल्क शिक्षा की सौगात देने का निर्णय लिया है। इससे उन हजारों परिवार के बच्चों को लाभ होगा, जिनके यहां कोरोना के कारण आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।
प्रदेश सरकार की इस योजना का लाभ इस सत्र में 21 वर्ष तक की उम्र के छात्रों को मिलेगा वहीं पहले से पढऩे वालों के लिए उम्र सीमा 24 वर्ष तय की गयी है। गौरतलब है कि कोरोना महामारी के कारण कई परिवारों के सामने आजीवीका का संकट हो गया है। प्रदेश में कुछ परिवार ऐसे भी हैं, जिनके कमाने वाले सदस्य की संक्रमण से मौत हो गई। कोविड के कारण माता-पिता को खो चुके बच्चों की शिक्षा को निरंतर बनाए रखने के लिए यह निर्णय लिया गया है। निर्णय के तहत 21 साल और इससे कम उम्र वाले वे छात्र जो सरकारी या अनुदान प्राप्त कॉलेजों में पढ़ेगे, उन्हें शिक्षण शुल्क का भुगतान नहीं करना होगा।
उच्च शिक्षा विभाग के अतिरिक्त संचालक प्रो. सुरेश सिलावट ने बताया ऑनलाइन काउंसलिंग में शासन की विभिन्न योजनाओं के साथ इस बार मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल कल्याण योजना भी शामिल की गई है। इसका लाभ उन आवेदकों को मिलेगा, जिन्होंने 1 मार्च से 30 जून 2021 के बीच अपने माता-पिता को खो दिया है। इसके साथ ही उन उम्मीदवारों को भी इसका पात्र माना जाएगा जिनके माता या पिता की मौत पहले ही हो चुकी है। पहले से कॉलेजों में पढ़ रहे विद्यार्थियों को भी योजना में शामिल करने के निर्देश दिए हैं। वे छात्र जो पहले से स्नातक के छात्र हैं और उनकी उम्र 24 वर्ष या इससे कम है, वे भी इस सत्र से इस योजना के लिए आवेदन कर सकेंगे। इन सभी विद्यार्थियों का न सिर्फ शिक्षण शुल्क बल्कि सुरक्षा निधि, प्रवेश शुल्क, परीक्षा शुल्क, छात्रावास शुल्क भी शासन प्रदान करेगा। निजी कॉलेजों के लिए भी इस योजना का लाभ मिलेगा। सरकार की ओर से अधिकतम 15 हजार रुपए शुल्क का भुगतान किया जाएगा।

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