नींद की कमी कई शारीरिक एवं मानसिक परेशानियों का कारण

डॉक्टर निधि जैन बुखारिया,
मनोचिकित्सक, इंदौर

नींद की कमी से कई शारीरिक एवं मानसिक परेशानियां पैदा होती है| ये “यूनिवर्सल स्लीप हाइजीन रुल्स”बेहतर नींद लेने में आपकी मदद करेंगे|  इन नींद संबंधी सरल दिशानिर्देशों का पालन करें। 
•सोने के घंटे नियमित रखें। (6-8 घंटे) सप्ताहांत सहित, प्रत्येक दिन नींद से जगने का नियमित समय तय करें।
• झपकी न लें। यदि आपके लिए झपकी लेना आवश्यक हो, तो कम समय तक लें। अपराह्न के आरंभ में 20 से 30 मिनट के लिए झपकी लें।
•काफी भरा हुआ या बहुत भूखा पेट लेकर न सोएँ ।डिनर सोने से कम से कम 2 घंटे पहले कर लें| यदि आपके लिए देर से खाना जरूरी हो, तो हल्का खाना खाएँ ।
•प्रत्येक दिन व्यायाम करें लेकिन सोने से ठीक पहले नहीं। देर शाम को अत्यधिक व्यायाम तनाव मुक्ति में बाधा पैदा करता है। रात को तनावरहित होने में आपकी मदद करने के लिए स्ट्रेचिंग या योग या डीप ब्रीदिंग जैसे हल्के व्यायामों का अभ्यास करें।
•नित्यक्रम निर्धारित करें ताकि आपके शरीर को पता चले कि सोने का समय हो गया है। उदाहरण के लिए, कु छ तनावमुक्त करने वाला संगीत सुनें, फिर 10 मिनट के लिए पढ़ें,  गर्म स्नान का प्रयास करें,   दाँतों को ब्रश करें और सोने के लिए चले जाएँ । 
अपने बिस्तर को सोने या सेक्स करने की जगह के रूप में रखें। बिस्तर पर न तो खाएँ , न ही लिखें, न तो टीवी देखें और न ही फ़ोन पर बात करें।
• बेडरूम को अंधेरा, शांत और थोड़ा ठं डा रखें ताकिआपको सोने में मदद मिल सके ।
• जब तक आपको नींद न आए तब तक बिस्तर पर न जाएँ । यदि आप 15 से 20 मिनट के बाद नहीं सो जाते हैं, तो उठें और दू सरे कमरे में चले जाएँ और तनावमुक्त होने के लिए कु छ करें। दिमाग में यदि लगातार सोच विचार चलते हों, तो डायरी या पेपर पर लिख कर छोड़ दीजिये |जब आप नींद महसूस करें, तो बिस्तर पर वापस चले जाएँ ।
•दिन जब ख़त्म होने के करीब आए, तब अपनी गतिविधियों को कम कर दें। सोने के समय से ठीक पहले काम या घर के कामों में व्यस्त न रहें। सोने के समय से कम से कम 30 मिनट पहले खुद को अपने कार्यों से अलग कर लें और सुखदायक, शांत गतिविधियों को निष्पादित करें जो आपको तनावरहित होने में मदद करें।  
•बिस्तर पर जाने से करीब 30-60 मिनट पहले खुद को अपने सेल फ़ोन, लैपटॉप, टैबलेट, टीवी और अन्य उपकरणों से डिस्कनेक्ट कर लें। इन उपकरणों से निकलने वाला नीला प्रकाश मिलेटोनिन हार्मोन को कम करके आपके सोने को मुश्किल बना सकते हैं।
कुछ हफ्तों तक इनका पालन करने से नींद में अवश्य सुधार होगा | यदि इसके बाद भी नींद में समस्या बनी रहती है, तो यह किसी मानसिक बीमारी की वजह से हो सकती है| मनोचिकित्सक से संपर्क करें| 

Mob -8839813633

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