भारत का कार्बन उत्सर्जन वैश्विक औसत से 60 फीसदी कम: मोदी

नई दिल्ली| अमेरिका की तरफ से आयोजित डिजिटल जलवायु शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह पहल करने के लिए राष्ट्रपति जो बाइडन को धन्यवाद दिया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिए ठोस कदम की जरूरत है। पीएम मोदी यह भी कहा कि भारत का कार्बन उत्सर्जन आज भी वैश्विक औसत से 60 प्रतिशत कम है। 

गुरुवार को विश्व पृथ्वी दिवस के मौके पर आयोजित इस सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस चुनौती से निपटने के लिए हमें तेज गति से, बड़े पैमाने पर और वैश्विक संभावना के साथ ठोस कदम उठाने की जरूरत है। अपने देश के विकास की चुनौतियों के बावजूद हमने स्वच्छ ऊर्जा, ऊर्जा प्रभाविता और जैव विविधता को लेकर कई साहसिक कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज राष्ट्रपति बाइडन और मैं ‘भारत-अमेरिका जलवायु व स्वच्छ ऊर्जा एजेंडा 2030 साझेदारी’ जारी कर रहे हैं। इसके जरिए हम स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में निवेश और हरित साझेदारी बढ़ाने के उपाय करेंगे। 

भारत की जीवन शैली परंपरागत 

वैश्विक जलवायु परिवतर्न की चर्चा करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज मैं आपके साथ एक विचार साझा करना चाहता हूं। भारत का प्रति व्यक्ति कार्बन फुटप्रिंट दुनिया के मुकाबले 60 फीसदी कम है। इसकी वजह यह है कि आज भी भारत की जीवनशैली निरंतर परंपरागत है। 

 अमेरिका का  30 फीसदी कार्बन उत्सर्जन घटाने का एलान

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने इस सम्मेलन के मौके घोषणा की कि 2030 तक अमेरिका ग्रीन हाउस गैसों का उत्सर्जन 30 फीसदी घटाएगा। जलवायु परिवर्तन से मुकाबले के लिए उन्होंने यह एलान किया। बाइडन ने विश्व के अन्य नेताओं से भी आग्रह किया कि वे अपने-अपने देशों में इन गैसों का उत्सर्जन रोकने का प्रयास करें, ताकि जलवायु परिवर्तन की त्रासदी से बचा जा सके। 

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